काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त कराकर केवल शिक्षित बना भर देने का उद्देश्य इस विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे नहीं था।

                काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त कराकर केवल शिक्षित बना भर देने का उद्देश्य इस विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे नहीं था। इस विश्वविद्यालय से शिक्षित होकर निकलने वाले विद्यार्थियों से यह अपेक्षा रखी जाती थी कि उनमें स्वदेश...

कालिदास त्रयी-३ मुख्य कालिदास थे तथा अन्य ३ का उपनाम कालिदास था

                         अरुण उपाध्याय जी की कलम से – कालिदास त्रयी-३ मुख्य कालिदास थे तथा अन्य ३ का उपनाम कालिदास था। तीन कालिदासों का उल्लेख राजशेखर की काव्य मीमांसा में किया है, जल्हण की सूक्ति मुक्तावली तथा हरि कवि की सुभाषितावली मे भी- एकोऽपि जीयते...

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की महादशा के अनुसार फल

            ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की महादशा के अनुसार फल जन्म कुंडली से हम यह जानकारी करते है की कोनसे ग्रह की महादशा समस्या पैदा कर रही तो उस ग्रह का उपाय करना चाहिए, अनुकूल और प्रतिकूल दोनों ग्रहों की महादशा का उपाय करना चाहिए, ग्रह हमारे अनुकूल है या...

भारत के 42 सन्त महात्मा

                                    युजे वां ब्रह्म पूर्व्यं नमोभिर्विश्लोक एतु पथ्येव सूरेः। शृण्वन्तु विश्वे अमृतस्य पुत्रा आ ये धामानि दिव्यानि तस्थुः॥ सुरेः पथि एव वां नमोभिः पूर्व्यं ब्रह्म युजे। विश्लोकः एतु। सर्वे अमृतस्य पुत्राः शृण्वन्तु ये दिव्यानि धामानि...

ऋषि अष्टावक्र की कथा

                              ऋषि अष्टावक्र की कथा अष्टावक्र की माता का नाम सुजाता था। उनके पिता कहोड़ वेदपाठी और प्रकांड पंडित थे तथा उद्दालक ऋषि के शिष्य और दामाद थे। राज्य में उनसे कोई शास्त्रार्थ में जीत नहीं सकता था। अष्टावक्र जब गर्भ में थे तब रोज उनके पिता से...

विश्वनाथ मंदिर का इतिहास

                          काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त कराकर केवल शिक्षित बना भर देने का उद्देश्य इस विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे नहीं था। इस विश्वविद्यालय से शिक्षित होकर निकलने वाले विद्यार्थियों से यह अपेक्षा रखी जाती थी कि उनमें...